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“अर्थव्यवस्था पर भी बन सकती है दमदार फिल्म” – ‘गवर्नर’ को लेकर बोले निर्देशक चिन्मय मांडलेकर
निर्देशक चिन्मय मांडलेकर ने गवर्नर: द साइलेंट सेवियर में अभिनेता मनोज बाजपेयी के साथ दूसरी बार काम किया है। सच्ची घटना से प्रेरित यह फिल्म इन दिनों सिनेमाघरों में सफलतापूर्वक चल रही है। हाल ही में चिन्मय मांडलेकर ने बताया कि यह फिल्म कैसे बनी और किस बात ने उन्हें इसका निर्देशन करने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा, “‘गवर्नर: द साइलेंट सेवियर’ बनाने का मूल विचार 1990 के आर्थिक संकट से जुड़ा था। इस कहानी का विचार हमारे एक लेखक के पास था और वही इसे विपुल शाह के पास लेकर गए। इसके बाद उन्होंने लगभग चार साल तक इसकी पटकथा पर काम किया। साल 2025 में यह फिल्म मेरे पास आई। उस समय इसकी पटकथा पहले से ही बहुत अच्छी तरह लिखी जा चुकी थी। इसके बाद हमने दो-तीन बार और इसमें बदलाव किए और इसी तरह यह फिल्म तैयार हुई।”
फिल्म चुनने की वजह बताते हुए उन्होंने कहा, “आर्थिक संकट पर कहानी कहना मुझे बेहद दिलचस्प लगा। आमतौर पर हम युद्ध, प्राकृतिक आपदा, महामारी, दंगों या सामाजिक घटनाओं पर बनी फिल्में देखते हैं, लेकिन अर्थव्यवस्था पर फिल्में बहुत कम बनती हैं। यही बात मुझे सबसे ज़्यादा आकर्षित कर गई और मैंने इस फिल्म का निर्देशन करने का फैसला किया।”
फिल्म को दर्शकों और समीक्षकों से लगातार सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। अच्छे रिव्यू और लोगों की सराहना ने एक बार फिर चिन्मय मांडलेकर और मनोज बाजपेयी की जोड़ी को एक सफल निर्देशक-अभिनेता की जोड़ी के रूप में स्थापित कर दिया है। दोनों अपनी फिल्मों के जरिए शोर मचाने के बजाय दमदार सिनेमा और असरदार कहानियों पर भरोसा करते हैं।


